(नितेन्द्र झां)
#महोबा। शहर के बिलवई चुंगी स्थित मोक्षधाम के पास की पहाड़ी पर दिन-रात हो रही अवैध खुदाई ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका परिषद महोबा की जेसीबी मशीनों और ट्रकों द्वारा लाल मोरंग निकालने के लिए पहाड़ी को कथित तौर पर खोखला किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह खुदाई केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक विरासत के लिए भी घातक साबित हो रही है। इसी पहाड़ी के निकट आल्हा की प्रसिद्ध बैठक स्थल स्थित है, जो बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान मानी जाती है। लगातार हो रही खुदाई से इस ऐतिहासिक स्थल के धंसने और क्षतिग्रस्त होने का खतरा पैदा हो गया है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यहां रोजाना नगर पालिका की जेसीबी और ट्रक आते-जाते देखे जा सकते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच कर अवैध खुदाई रोकने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
पर्यावरणविदों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो पहाड़ी पूरी तरह समाप्त हो सकती है, जिससे भू-स्खलन का खतरा भी बढ़ जाएगा।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक कार्रवाई करता है।




