बुंदेलखंड की धरती केवल पत्थरों और पहाड़ों की नहीं, बल्कि ऐसे महान व्यक्तित्वों की रही है जिन्होंने भारत के इतिहास, साहित्य और स्वतंत्रता संग्राम में अमिट छाप छोड़ी है।
यहाँ बुंदेलखंड के प्रमुख व्यक्तित्वों का वर्गीकरण दिया गया है:
1. वीर योद्धा और शासक (Martyrs & Rulers)
* महारानी लक्ष्मीबाई: झाँसी की रानी, जिन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे। उनका नारा “मैं अपनी झाँसी नहीं दूँगी” आज भी गूँजता है।
* महाराजा छत्रसाल: इन्हें ‘बुंदेलखंड केसरी’ कहा जाता है। उन्होंने मुगलों (औरंगजेब) से लंबी लड़ाई लड़कर एक स्वतंत्र बुंदेलखंड राज्य की स्थापना की थी।
* आल्हा और ऊदल: महोबा के ये दो भाई अपनी वीरता के लिए लोकगाथाओं में अमर हैं। माना जाता है कि उन्होंने 52 लड़ाइयां लड़ी थीं।
* तात्या टोपे: 1857 की क्रांति के महान सेनानायक, जिन्होंने बुंदेलखंड के जंगलों में छापामार युद्ध (Guerrilla warfare) के जरिए अंग्रेजों को परेशान किया था।
* झलकारी बाई: रानी लक्ष्मीबाई की दुर्गा दल की सेनापति, जिन्होंने रानी की जान बचाने के लिए खुद को बलिदान कर दिया।
2. महान साहित्यकार और कवि (Literary Figures)
* गोस्वामी तुलसीदास: ‘रामचरितमानस’ के रचयिता का जन्म चित्रकूट के राजापुर में हुआ था।
* मैथिलीशरण गुप्त: ‘राष्ट्रकवि’ के रूप में प्रसिद्ध, उनका जन्म झाँसी के चिरगाँव में हुआ था। उन्होंने ‘साकेत’ और ‘भारत-भारती’ जैसी कालजयी रचनाएँ कीं।
* महाकवि केशवदास: ओरछा के दरबारी कवि, जिन्हें ‘कठिन काव्य का प्रेत’ कहा जाता है। वे रीतिकाल के प्रवर्तक माने जाते हैं।
* पद्माकर: सागर के प्रसिद्ध कवि, जिन्होंने बुंदेली संस्कृति को अपनी कविताओं में पिरोया।
* जगनीक: महोबा के कवि जिन्होंने प्रसिद्ध वीरगाथा ‘आल्हा खंड’ (परमाल रासो) लिखी।
* ईसुरी: बुंदेलखंड के ‘लोककवि’, जिनकी ‘फागें’ आज भी ग्रामीण इलाकों में गाई जाती हैं।
3. आधुनिक युग के नायक (Modern Icons)
* चंद्रशेखर आज़ाद: क्रांतिकारी आज़ाद ने ओरछा के पास सातार नदी के किनारे अपनी ‘कुटिया’ बनाई थी और लंबे समय तक अज्ञातवास में रहकर बम बनाने का प्रशिक्षण दिया था।
* डॉ. हरिसिंह गौर: एक महान शिक्षाविद् और न्यायविद, जिन्होंने अपनी निजी संपत्ति दान करके सागर विश्वविद्यालय (अब डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय) की स्थापना की।
* मेजर ध्यानचंद: ‘हॉकी के जादूगर’ का गहरा नाता झाँसी से रहा। उन्होंने खेल जगत में भारत का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया।
* उमा भारती: मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और प्रसिद्ध राजनेता, जिनका जन्म टीकमगढ़ (बुंदेलखंड) में हुआ।
4. अन्य महत्वपूर्ण हस्तियाँ
* मस्तानी: महाराजा छत्रसाल की पुत्री और पेशवा बाजीराव प्रथम की पत्नी, जिनकी प्रेम कहानी भारतीय इतिहास का हिस्सा है।
* स्वामी प्राणनाथ: महाराजा छत्रसाल के आध्यात्मिक गुरु, जिन्होंने पन्ना में ‘प्रणामी संप्रदाय’ की स्थापना की।
* दीवान शत्रुघ्न सिंह: इन्हें ‘बुंदेलखंड का गांधी’ कहा जाता है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और भूदान आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाई।
हम आगे बुंदेलखंड के सभी प्रमुख वयक्तित्वो के बारे में अलग अलग विस्तार से रिपोर्ट साझा करेंगे, आपके पास कोई सुझाव हो तो अवश्य साझा करियेगा







