जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत उजागर
“इंडिया खोज विचार” ने बीते रोज एक माह की समय सीमा पूर्ण होने पर सड़कों की दुर्दशा की प्रमुखता में खबर प्रकाशित की थी
झूठा निकला एक माह में सड़कें बनवाने और पानी पहुंचाने का मंत्री का दावा
नितेन्द्रझा/महोबा जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल योजना को लेकर किए जा रहे बड़े-बड़े दावों की जमीनी सच्चाई उस समय सामने आ गई जब चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने मंगलवार को नरेडी और सालट गांव का भौतिक सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों के दावे खोखले साबित होते नजर आए।
विधायक के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने पानी की समस्या और खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने की शिकायतों का अंबार लगा दिया। लोगों ने बताया कि पाइप लाइन बिछाने के नाम पर सड़कों को जगह-जगह खोद दिया गया, लेकिन महीनों बाद भी उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। इससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि “हर घर जल” का दावा अभी तक कागजों तक ही सीमित है। कई घरों में नल तो लगाए गए हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं पहुंच रहा। कुछ स्थानों पर पाइप लाइन अधूरी पड़ी है, जिससे लोगों को अब भी पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
निरीक्षण के दौरान विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन सड़कों को खोदा गया है, उनकी मरम्मत तत्काल कराई जाए और हर घर तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
गौरतलब है कि हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सड़कों की मरम्मत एक माह के भीतर कराने का दावा किया था, लेकिन नरेडी और सालट गांव के निरीक्षण में यह दावा धरातल पर पूरा होता नजर नहीं आया। इससे योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े होने लगे हैं।











