बुंदेलखंड अपनी वीरता, अद्भुत वास्तुकला और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। 2026 में पर्यटन के लिहाज से यह क्षेत्र और भी आधुनिक और सुलभ हो गया है, खासकर ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ जैसी योजनाओं के बाद।
यहाँ बुंदेलखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों का विस्तृत विवरण दिया गया है:
1. झांसी (शौर्य की नगरी)
* झांसी का किला: राजा बीर सिंह जू देव द्वारा निर्मित यह किला रानी लक्ष्मीबाई की वीरता का प्रतीक है। यहाँ का ‘कड़क बिजली’ तोप और ‘जम्पिंग पॉइंट’ प्रमुख आकर्षण हैं।
* रानी महल: यह रानी लक्ष्मीबाई का निवास स्थान था, जो अब एक संग्रहालय है जहाँ 9वीं से 12वीं शताब्दी की मूर्तियाँ रखी गई हैं।
* बरुआ सागर: यहाँ एक ऐतिहासिक किला और खूबसूरत झील है, जो सूर्यास्त देखने के लिए बेहतरीन जगह है।
2. ओरछा (बुंदेलों की राजधानी)
* राम राजा मंदिर: यह दुनिया का एकमात्र मंदिर है जहाँ भगवान राम को ‘राजा’ के रूप में पूजा जाता है और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है।
* जहांगीर महल और राज महल: बेतवा नदी के तट पर स्थित ये महल बुंदेली और मुगल वास्तुकला का बेजोड़ नमूना हैं।
* बेतवा नदी पर छतरियां: राजाओं की याद में बनी ये छतरियां शाम के समय बहुत सुंदर लगती हैं। यहाँ रिवर राफ्टिंग का आनंद भी लिया जा सकता है।
3. खजुराहो (विश्व धरोहर स्थल)
* मंदिर समूह: यूनेस्को (UNESCO) सूची में शामिल ये मंदिर अपनी बारीक नक्काशी और कामुक मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध हैं। यहाँ का कंदारिया महादेव मंदिर सबसे विशाल है।
* रनेह प्रपात (Raneh Falls): खजुराहो से 20 किमी दूर केन नदी पर स्थित यह वाटरफॉल भारत का ‘ग्रैंड कैन्यन’ कहलाता है क्योंकि यहाँ रंग-बिरंगी ग्रेनाइट की चट्टानें मिलती हैं।
4. चित्रकूट (अध्यात्म का केंद्र)
* रामघाट: मंदाकिनी नदी का तट जहाँ शाम की आरती बहुत शांति प्रदान करती है।
* कामदगिरि पर्वत: मान्यता है कि भगवान राम ने वनवास का समय यहीं बिताया था। श्रद्धालु इसकी 5 किमी की परिक्रमा करते हैं।
* गुप्त गोदावरी: यह दो गुफाओं का समूह है जहाँ पैरों के नीचे से पानी बहता है, जो एक रोमांचक अनुभव है।
5. बांदा और महोबा (किले और झीलें)
* कालिंजर किला (बांदा): विंध्य पर्वत पर स्थित यह एक ‘अजेय किला’ है। यहाँ का नीलकंठ महादेव मंदिर अद्भुत है।
* महोबा: इसे ‘झीलों का शहर’ कहा जाता है। 2026 में यहाँ सन इंटरप्रिटेशन सेंटर (Sun Interpretation Center) का विकास किया जा रहा है, जो पर्यटकों के लिए नया आकर्षण है। यहाँ के ‘राहिला सागर सूर्य मंदिर’ की तुलना कोणार्क से की जाती है।
6. पन्ना और ललितपुर (प्रकृति और प्राचीन कला)
* पन्ना टाइगर रिजर्व: बाघों को करीब से देखने और सफारी के लिए यह प्रसिद्ध है। यहीं पास में बृहस्पति कुंड है जिसे भारत का नियाग्रा फॉल्स भी कहा जाता है।
* देवगढ़ (ललितपुर): यहाँ का 6वीं शताब्दी का दशावतार मंदिर गुप्तकालीन कला का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। साथ ही बेतवा नदी के किनारे स्थित जैन मंदिरों का समूह भी दर्शनीय है।
बुंदेलखंड की यात्रा के लिए सुझाव:
* सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च (सर्दियों में)।
* कनेक्टिविटी: झांसी और खजुराहो मुख्य रेलवे जंक्शन हैं। खजुराहो में हवाई अड्डा भी है।





