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बदलते मौसम में बीमारियों को कहें ‘ना’, अपनाएं ये आसान उपाय

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IKVNEWS/फरवरी का यह महीना अपने साथ ‘गुलाबी ठंड’ और ‘चटक धूप’ का मिश्रण लेकर आता है। लेकिन यही वह समय है जब हमारा शरीर सबसे ज्यादा असुरक्षित होता है। अस्पतालों में इन दिनों वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और गले के इन्फेक्शन के मरीजों की संख्या में 50% तक का इजाफा देखा जा रहा है।

सावधान! क्यों बढ़ रही है बीमारी?

मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान में अचानक होने वाला उतार-चढ़ाव वायरस को सक्रिय कर देता है। दिन में गर्मी लगने पर हम पंखे चला लेते हैं या ठंडे पानी का सेवन शुरू कर देते हैं, जो शरीर के तापमान (Internal Body Temperature) को बिगाड़ देता है।

बचाव के 5 अचूक उपाय (Prevention Tips)

कपड़ों का सही चुनाव: सुबह और शाम की ठंड को नजरअंदाज न करें। भले ही दिन में धूप तेज हो, लेकिन घर से बाहर निकलते समय हल्के गर्म कपड़े (जैसे स्वेटर या जैकेट) साथ जरूर रखें।

गुनगुने पानी का साथ: गले की खराश और संक्रमण से बचने के लिए दिनभर में कम से कम 2-3 बार गुनगुना पानी पिएं। यह शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है।

इम्युनिटी बूस्टर डाइट: अपने खान-पान में अदरक, तुलसी, और गिलोय का काढ़ा शामिल करें। विटामिन-C से भरपूर फल जैसे संतरा और आंवला इस मौसम में ढाल का काम करते हैं।

ठंडी चीजों से परहेज: फ्रिज का पानी, कोल्ड ड्रिंक्स और आइसक्रीम से अभी दूरी बनाए रखें। रात के समय दही या चावल जैसे ठंडी तासीर वाले भोजन से बचें।

स्वच्छता है जरूरी: वायरल से बचने के लिए हाथों को बार-बार धोएं और भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क का प्रयोग करें, क्योंकि इस मौसम में इन्फेक्शन हवा के जरिए तेजी से फैलता है।

घरेलू नुस्खा: रात की रामबाण दवा

सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध पिएं। यह प्राकृतिक एंटीबायोटिक का काम करता है और आपको मौसमी बुखार व बदन दर्द से राहत देता है।

विशेष सलाह: अगर बुखार या खांसी 3 दिन से ज्यादा रहे, तो खुद डॉक्टर न बनें; तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर परामर्श लें।

IKV News
Author: IKV News

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