राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में आध्यात्मिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर वक्ताओं ने रखे विचार, देशसेवा के लिए युवाओं से किया आह्वान
कुरारा, हमीरपुर। नगर कुरारा में शरद पूर्णिमा के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के तत्वावधान में रामलीला मैदान के पास स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में शरद पूर्णिमा एवं महर्षि वाल्मीकि जयंती का कार्यक्रम उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिकों, स्वयंसेवकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। इस दौरान भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और राष्ट्रसेवा के महत्व पर विचार व्यक्त किए गए।
संघ की परंपरा के अनुसार कार्यक्रम का शुभारंभ अमृत वचन एवं एकल गीत से हुआ। इसके बाद वक्ताओं ने शरद पूर्णिमा और महर्षि वाल्मीकि के जीवन एवं आदर्शों पर प्रकाश डाला।
सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य ओम पांडेय ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने उनके आदर्शों, जीवन मूल्यों और समाज को दिए गए संदेशों को आत्मसात करने पर बल दिया।

खंड कार्यवाह विवेक पालीवाल ने शरद पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इस दिन खीर बनाने और ग्रहण करने की परंपरा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने भारतीय संस्कृति में पर्व-त्योहारों की विशेष भूमिका को रेखांकित किया।

विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड मंत्री एवं IKV News के प्रधान संपादक सुशील कुमार ने शरद पूर्णिमा के वैज्ञानिक पक्ष पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति के पर्वों में धार्मिक आस्था के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जीवनोपयोगी परंपराओं का भी महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे पर्व मानव जीवन में प्रकृति के प्रति जुड़ाव, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं विभाग संघचालक गोपाल दास पालीवाल ने शरद पूर्णिमा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट हों और मां भारती की सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करें।

उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों में देश के प्रति सजग रहने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
वक्ताओं ने इस अवसर पर भारतीय संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा समाज में परस्पर सहयोग, सद्भाव और समरसता की भावना मजबूत करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के समापन पर संघ प्रार्थना हुई। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने चावल और दूध से बनी पारंपरिक खीर ग्रहण की तथा एक-दूसरे को शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर केके द्विवेदी, रवि गुप्ता, श्याम किशोर गुप्ता, ओम प्रकाश सोनी, बाल गोविंद सोनी, अभिनव तिवारी, अमित सिंह (पिंकू), कृपाशंकर तिवारी, टप्पू सिंह, गिरीश पालीवाल, पुतान सिंह सहित आधा सैकड़ा से अधिक लोग उपस्थित रहे।
IKV News | कुरारा, हमीरपुर








