बिचौलियों से खरीद पर होगी एफआईआर, क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश
हमीरपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जनपद में धान, ज्वार एवं बाजरा की खरीद प्रक्रिया 02 नवंबर से प्रारंभ हो गई है। जिलाधिकारी अशोक कुमार की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में खरीद व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि क्रय केंद्रों पर किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा बिचौलियों के माध्यम से खरीद किए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में बताया गया कि जनपद में धान, ज्वार एवं बाजरा की खरीद के लिए कुल आठ क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस वर्ष धान खरीद के लिए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) का एक अतिरिक्त केंद्र भी खोला गया है। मुस्करा में पहली बार एफसीआई का क्रय केंद्र स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त कुरारा, सुमेरपुर, मुस्करा एवं राठ में विपणन विभाग के क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। जनपद की सातों मंडियों में भी खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं।
धान का समर्थन मूल्य निर्धारित
जिलाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष कॉमन एवं हाइब्रिड धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जबकि ग्रेड-ए धान के लिए 2,461 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की गई है। ग्रेड-ए धान पर किसानों को 20 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मूल्य मिलेगा।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप खरीद सुनिश्चित करने तथा किसानों के ऑनलाइन पंजीकरण एवं पोर्टल पर भूमि सत्यापन की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी कराने के निर्देश दिए। लेखपाल, तहसीलदार एवं उपजिलाधिकारी स्तर से किसानों की भूमि का सत्यापन कराया जाएगा, ताकि खरीद के समय किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पोर्टल पर किसान के बुवाई क्षेत्र एवं सत्यापित भूमि का विवरण दर्ज होने के आधार पर उसकी अधिकतम अनुमन्य खरीद मात्रा निर्धारित होगी। इससे निर्धारित सीमा से अधिक उपज की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा।
क्रय केंद्रों पर मिलेंगी आवश्यक सुविधाएं
जिलाधिकारी ने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया कि केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटे, बिजली, पावर डस्टर, पर्याप्त मात्रा में बारदाना, किसानों के बैठने के लिए कुर्सियां, स्वच्छ पेयजल एवं वाटर कूलर सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों एवं व्यापारियों की किसी भी प्रकार की भूमिका स्वीकार नहीं की जाएगी। क्रय केंद्रों पर किसानों से सीधे उपज की खरीद की जाएगी। यदि किसी केंद्र पर बिचौलियों अथवा व्यापारियों के माध्यम से खरीद किए जाने या किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान करने की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारियों एवं मंडी सचिवों को नियमित रूप से क्रय केंद्रों का निरीक्षण करने तथा खरीद व्यवस्था की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा, पारदर्शिता एवं शासन द्वारा निर्धारित मानकों का अनुपालन खरीद प्रक्रिया की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राकेश कुमार, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी घनश्याम वर्मा, जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरिशंकर, जिला सूचना अधिकारी सतीश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं समस्त क्रय केंद्र प्रभारी उपस्थित रहे।







