(नितेन्द्र झां)
#महोबा :- सदर कोतवाली में दर्ज हत्या के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस को आड़े हाथों लिया है। जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने आशा रायकवार की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए एसपी महोबा, एस एच ओ कोतवाली और एस एच ओ महिला थाना को 25 मई 2026 को व्यक्तिगत रूप से सीसीटीवी फुटेज के साथ पेश होने का आदेश दिया है।
आपको बताते चलें कि कोतवाली महोबा में क्राइम नंबर 85/2026, बीएनएस की धारा 103(1) के तहत केस दर्ज है। मृतक के घर काम करने वाली नौकरानी आशा रायकवार और उसके बेटे को आरोपी बनाया गया है।
आवेदक के वकील भास्कर भद्रा ने कोर्ट को बताया:
एफआईआर में आशा का नाम नहीं था। दो गवाहों ने 26 फरवरी 2026 को शाम 6:00 से 6:30 बजे आशा को मृतक के घर में जाते देखा, इसी आधार पर गिरफ्तारी हुई।
आशा के पास से कोई बरामदगी नहीं हुई, बरामदगी सह-आरोपी सोनू से हुई।
पुलिस ने 25 फरवरी 2026 की रात 11 बजे पकड़ा, लेकिन गिरफ्तारी 1 मार्च 2026 को दिखाई। इस दौरान टॉर्चर का आरोप है।
आशा के बेटे ने सीजेएम महोबा में अर्जी देकर 25 फरवरी से 1 मार्च तक की सीसीटीवी फुटेज मांगी थी। मजिस्ट्रेट ने 13 मार्च 2026 को फुटेज देने का आदेश दिया, लेकिन पुलिस ने ‘फुटेज उपलब्ध नहीं’ कहकर मना कर दिया।








