चितवां नाला में सफाई के नाम पर भ्रष्टाचार का नंगा नाच
तस्वीरें बनी बोलती गवाह
(नितेन्द्र झां)
#महोबा। जनपद में सिंचाई प्रखंड द्वारा कराई जा रही नाला सफाई के कार्यों पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कागजों में लंबी दूरी तक नालों की सफाई दर्शाकर मौके पर केवल सीमित हिस्से में ही काम कराया जा रहा है, जबकि सरकारी धन का पूरा भुगतान किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर नालों की सफाई अधूरी है या केवल औपचारिक रूप से की गई है। इसके बावजूद अभिलेखों में कार्य पूर्ण दिखाए जाने की चर्चा है। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग और कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि नाला सफाई कार्यों का स्वतंत्र भौतिक सत्यापन कराया जाए तथा कार्यस्थलों का रिकॉर्ड, माप पुस्तिका (एमबी), जियो-टैगिंग और भुगतान संबंधी अभिलेखों की जांच कराई जाए। यदि अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
गौरतलब हो कि चितवां नाला की सफाई का जिम्मा कुलपहाड़ के एक ठेकेदार को सौंपा गया था।
इस संबंध में सिंचाई प्रखंड महोबा के अधिशासी अभियंता से संपर्क करने का प्रयास किया तो नंबर कवरेज क्षेत्र से बाहर आया।








