नितेन्द्र झां
#महोबा। इश्क की राहें अक्सर कानून, समाज और रिश्तों की परिभाषाओं को चुनौती देती हैं। महोबा में सामने आया एक मामला भी कुछ ऐसा ही है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया।
दुष्कर्म और अपहरण के मुकदमे में जिस युवक को जेल भिजवाया गया था, उसी से मिलने युवती अचानक महोबा उपकारागार पहुँच गई। इससे पहले जिला अस्पताल में युवती के लापता होने की खबर से परिजनों में हड़कंप मच गया और अस्पताल परिसर में घंटों तक हंगामा चलता रहा। परिजनों ने युवती के अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और जिला अस्पताल से लेकर आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। करीब दो घंटे की तलाश के बाद युवती उपकारागार की ओर जाती दिखाई दी। पुलिस ने उसे वहीं से बरामद कर लिया।
बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश के छतरपुर जनपद की लवकुशनगर तहसील निवासी युवती महोबा में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। करीब एक माह पहले उसने अपने प्रेमी के साथ शादी का दावा करते हुए वीडियो भी वायरल किए थे। बाद में परिजनों की तहरीर पर युवक के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ और वह जेल भेज दिया गया।
दिलचस्प बात यह भी है कि पूर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में यही युवती चर्चा में आई थी, तब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी उससे मिलने पहुंचे थे।
अब वही युवती इलाज के बहाने अस्पताल आई, वहां से चुपचाप निकलकर सीधे जेल पहुँच गई। यह घटनाक्रम एक बार फिर साबित करता है कि इश्क की कहानी अदालत की फाइलों से कहीं ज्यादा उलझी हुई होती है।
फिलहाल पुलिस ने युवती को सकुशल बरामद कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।







