स्कूलों में पढ़ाई से लेकर मिड-डे मील तक डीएम की नजर, शीतलपुर-बदनपुर में व्यवस्थाओं की खुली परख

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जिलाधिकारी अशोक कुमार ने प्राथमिक विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण, स्मार्ट क्लास और ऑपरेशन कायाकल्प की समीक्षा; शिक्षकों की गैरहाजिरी व लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

हमीरपुर। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। जिलाधिकारी अशोक कुमार ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार के साथ शीतलपुर एवं बदनपुर स्थित प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण कर पढ़ाई, शिक्षकों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील), स्मार्ट क्लास, साफ-सफाई और ऑपरेशन कायाकल्प के तहत उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं बेहतर रखने और बच्चों की पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के सख्त निर्देश दिए।

बच्चों की पढ़ाई में न हो कोई बाधा

जिलाधिकारी ने विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए। शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय आएं और पूरी जिम्मेदारी के साथ शिक्षण कार्य करें। बच्चों की शैक्षणिक प्रगति का लगातार आकलन किया जाए, ताकि कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देकर उनकी पढ़ाई में सुधार लाया जा सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की नींव है। ऐसे में शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक बच्चे को सीखने के लिए बेहतर अवसर और अनुकूल वातावरण उपलब्ध हो।

स्मार्ट क्लास का हो प्रभावी उपयोग, कायाकल्प के कार्यों की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्मार्ट क्लास की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और डिजिटल संसाधनों के उपयोग की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि उपलब्ध तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल कर शिक्षण प्रक्रिया को अधिक रोचक, सरल और उपयोगी बनाया जाए।


ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत निर्धारित 19 मानकों के सापेक्ष विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्वच्छ पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण मिलना चाहिए, जिससे वे बिना किसी परेशानी के पढ़ाई कर सकें।

मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्वच्छता पर जोर

जिलाधिकारी ने मध्याह्न भोजन योजना की व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि बच्चों को निर्धारित मेन्यू एवं मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। भोजन तैयार करने से लेकर उसके वितरण तक स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। विद्यालय परिसर और रसोईघर की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए तथा बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन किया जाए।

उन्होंने कहा कि बच्चों के पोषण और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करें और कमियां सामने आने पर तत्काल सुधार कराएं।

आंगनवाड़ी केंद्र में वजन मशीन और पोषण व्यवस्था का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों के वजन की जांच के लिए उपलब्ध वजन मशीन, पोषण एवं भोजन संबंधी सुविधाओं की जानकारी ली।

उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों के वजन की नियमित निगरानी की जाए और उनके स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए। आंगनवाड़ी केंद्र में साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं भी निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध रहनी चाहिए, ताकि बच्चों को बेहतर देखभाल मिल सके।

बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश

जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति, मिड-डे मील और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की जाए। खंड शिक्षा अधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्रों में विद्यालयों का भ्रमण कर कमियों को चिह्नित करें और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित कराएं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस कार्य में शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप विद्यालयों में शिक्षा और पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और विद्यालयों की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित करें।

IKV News
Author: IKV News

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