(नितेन्द्र झां)
#महोबा
जिला मुख्यालय महोबा को राजधानी लखनऊ से सीधे रेल सेवा से जोड़ने की मांग को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक ज्ञापन भेजा गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता चन्द्र शेखर स्वर्णकार ने ज्ञापन में महोबा जिले की पर्यटन संभावनाओं, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और आम जनता की परिवहन संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है।
ज्ञापन में बताया गया है कि महोबा जिला ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों से समृद्ध है। सूर्य मंदिर, मंदन सागर के मध्य स्थित खखरामठ, चरखारी का अजेय मंगलगढ़ किला व देवढ़ी दरवाजा, मिनी वृंदावन का आभास कराने वाले मंदिर और बुंदेलखंड का कश्मीर कहे जाने वाले झीलों की श्रृंखला यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं दर्शाती है। यदि कानपुर–लखनऊ से महोबा और खजुराहो के लिए सीधी और अच्छी रेल सेवाएं शुरू की जाती हैं तो पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिले की अधिकांश आबादी कृषि पर आधारित है और रोजगार के अवसर सीमित हैं। बसों का किराया अधिक होने तथा यात्रा में अधिक समय लगने के कारण आम नागरिकों के लिए लखनऊ आना-जाना कठिन हो जाता है। वर्तमान में बांदा के रास्ते यात्रा करने पर समय अधिक लगता है और लिंक ट्रेनों की टाइमिंग भी अनुकूल नहीं बैठती।
केंद्रीय रेल मंत्री से अनुरोध किया गया है कि खैरार जंक्शन के कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए कड़े निर्देश दिए जाएं, ताकि महोबा-लखनऊ के बीच सीधा और सुगम रेल मार्ग खुल सके। इससे न केवल क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी, बल्कि आम जनता और पर्यटकों दोनों को बड़ी सुविधा मिलेगी।








