“झाड़-फूंक के अंधविश्वास ने ली जान, पुलिस ने 14 दिन में खोला हत्या का राज”
पुलिस ने सनसनीखेज हत्याकांड का किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त बांका बरामद
#नितेन्द्रझां
#महोबा। अंधविश्वास और भ्रम किस हद तक इंसान को अपराध की राह पर ले जा सकता है, इसका सनसनीखेज उदाहरण महोबा के श्रीनगर थाना क्षेत्र में सामने आया है। करीब दो सप्ताह पहले कुएं से बरामद हुए एक वृद्ध के शव के मामले का खुलासा करते हुए महोबा पुलिस ने हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह मृतक को अपने भाई की मौत और जीवन की अन्य परेशानियों का जिम्मेदार मानता था तथा इसी अंधविश्वास के चलते उसने उसकी हत्या कर दी।
पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत श्रीनगर थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी लखन साहू (35) निवासी भैरोगंज थाना श्रीनगर को बिलरही तिराहे से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त धारदार बांका भी दाऊपुरा तालाब से बरामद कर लिया गया।
गौरतलब है कि 26 मई 2026 को कस्बा श्रीनगर स्थित दुर्जन साहू के कुएं से 60 वर्षीय रामप्रसाद प्रजापति का शव बरामद हुआ था। मृतक की पत्नी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच शुरू की।
पूछताछ में आरोपी लखन साहू ने बताया कि उसका भाई करीब डेढ़ वर्ष पहले मर गया था। मृतक रामप्रसाद झाड़-फूंक का काम करता था, इसलिए वह अपने भाई की मौत के लिए उसे जिम्मेदार मानता था। आरोपी के मन में यह अंधविश्वास घर कर गया था कि यदि वह रामप्रसाद की हत्या नहीं करेगा तो उसकी भी मौत हो जाएगी। इसी सोच के चलते उसने बाजार से बांका खरीदा और रामप्रसाद की हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया।
घटना के सफल अनावरण पर पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त पुलिस टीम को 10 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि यह मामला अंधविश्वास के खतरनाक परिणामों को उजागर करता है और समाज को ऐसे भ्रमों से दूर रहने की सीख देता है।








