(नितेन्द्र झां)
बजारिया के ई-रिक्शा चालक ओमप्रकाश हत्याकांड का पर्दाफाश
#महोबा। महोबा शहर में करीब दो सप्ताह पहले मिले ई-रिक्शा चालक के शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, किराये को लेकर हुए विवाद के बाद तीन विधि से संघर्षरत बालकों ने ई-रिक्शा चालक की पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद शव को खेत में छोड़कर तीनों फरार हो गए थे। पुलिस ने रविवार को तीनों बाल अपचारियों को संरक्षण में लेकर घटना का सफल अनावरण किया।
पुलिस के मुताबिक, 21 जून 2026 को कोतवाली नगर क्षेत्र के शाहपहाड़ी नहर पुलिया के पास खेत में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। बाद में उसकी पहचान फतेहपुर बजरिया निवासी ओमप्रकाश के रूप में हुई। मृतक के पुत्र प्रेम सिंह परिहार की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह और क्षेत्राधिकारी नगर रविकांत गोंड की निगरानी में प्रभारी निरीक्षक मनीष पांडेय के नेतृत्व में गठित टीम ने साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर घटना का खुलासा किया।
पूछताछ में तीनों बाल अपचारियों ने स्वीकार किया कि ई-रिक्शे का किराया देने को लेकर उनका चालक से विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर हाथापाई हुई, जिसमें उन्होंने चालक को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल होने के बाद उसकी मौत हो गई और तीनों मौके से भाग निकले।
पुलिस ने बाल अपचारियों की निशानदेही पर मृतक का आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड और कीपैड मोबाइल फोन बरामद किया है। सभी के खिलाफ किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
इस हत्याकांड के खुलासे में कोतवाली नगर पुलिस के साथ जनपदीय स्वाट एवं सर्विलांस टीम की भी अहम भूमिका रही।







