ठेकेदार ने समय पर वाहन उपलब्ध नहीं कराए क्यों?
(नितेन्द्र झां)
#महोबा। जिले के कबरई विकासखंड के धरौन गांव स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति में सरकारी गेहूं के भंडारण में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। किसानों से खरीदा गया 6,747 कुंतल गेहूं गोदाम में जगह न होने के कारण लंबे समय से खुले आसमान के नीचे रखा गया था। लगातार हो रही बारिश के चलते बड़ी मात्रा में गेहूं भीग गया, कई जगह अंकुरित होने लगा और उसके खराब होने की आशंका गहरा गई है।
जानकारी के अनुसार समिति के गोदाम पहले से भरे होने के कारण खरीदा गया नया गेहूं बाहर तिरपाल के सहारे रखा गया था। मौसम विभाग की लगातार बारिश की चेतावनी के बावजूद अनाज को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
बताया गया कि समिति सचिव ने पहले ही उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर गेहूं को अन्य गोदामों में स्थानांतरित कराने की मांग की थी, लेकिन इस पर समय पर कार्रवाई नहीं हो सकी। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि परिवहन की जिम्मेदारी संभाल रहे ठेकेदार ने समय पर वाहन उपलब्ध नहीं कराए, जिसके कारण हजारों कुंतल गेहूं खुले में पड़ा रहा। बारिश से बचाव के लिए डाली गई तिरपाल भी पर्याप्त साबित नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि किसानों ने अपनी मेहनत की फसल सरकार को समर्थन मूल्य पर बेची थी, लेकिन अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार की कथित लापरवाही के कारण अब वही गेहूं खराब होने की कगार पर पहुंच गया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते भंडारण और परिवहन की उचित व्यवस्था की जाती तो इस नुकसान से बचा जा सकता था।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा खराब हुए गेहूं के नुकसान का आकलन कर जवाबदेही तय करने की मांग की है। वहीं मामले को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।








