11 सितंबर को हमीरपुर में हरिशंकरी पौधारोपण का महाअभियान, 597 राजस्व गांवों, 124 नगरीय वार्डों और 200 गौशालाओं में होगा रोपण

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11 सितंबर को हमीरपुर में हरिशंकरी पौधारोपण का महाअभियान, 597 राजस्व गांवों, 124 नगरीय वार्डों और 200 गौशालाओं में होगा रोपण

IKVNEWS/हमीरपुर। पर्यावरण संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 11 सितंबर को जनपद हमीरपुर के 597 राजस्व गांवों, 124 नगरीय वार्डों और 200 गौशालाओं में सामूहिक हरिशंकरी पौधारोपण महाअभियान आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत पीपल, पाकड़ और बरगद के पौधों का एक साथ रोपण किया जाएगा। इसकी तैयारियों और कार्ययोजना को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई, जिसमें लोक भारती के सह संगठन मंत्री श्री गोपाल उपाध्याय ने हरिशंकरी के पर्यावरणीय एवं सांस्कृतिक महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।

अभियान के तहत प्रत्येक राजस्व गांव में एक हरिशंकरी, प्रत्येक नगरीय वार्ड में एक हरिशंकरी तथा प्रत्येक गौशाला में तीन हरिशंकरी पौधों का रोपण प्रस्तावित है। इस प्रकार जनपद में बड़े स्तर पर पीपल, पाकड़ और बरगद के पौधे लगाए जाएंगे। पौधों की सुरक्षा के लिए आवश्यकतानुसार ट्री-गार्ड की व्यवस्था तथा रोपित पौधों की नियमित देखभाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

रामायण में भी मिलता है हरिशंकरी का उल्लेख

बैठक में लोक भारती के सह संगठन मंत्री श्री गोपाल उपाध्याय ने उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को हरिशंकरी के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि हरिशंकरी का वर्णन रामायण में भी मिलता है। यह केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि हमारे मनीषियों की कुशाग्र बुद्धि और प्रकृति के प्रति उनकी वैज्ञानिक समझ का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि पीपल, पाकड़ और बरगद का एक साथ रोपण पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे भू-जल के पुनर्भरण, पर्यावरण संतुलन तथा पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के लिए प्राकृतिक आवास विकसित करने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि हरिशंकरी का रोपण हमारी परंपरा को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने वाला पवित्र एवं दूरगामी महत्व का कार्य है।

गोपाल उपाध्याय ने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भले ही अधिकारी किसी जनपद में अल्प समय के लिए सेवा दे रहे हों, लेकिन यदि उनके कार्यकाल में हरिशंकरी का रोपण कराया जाता है तो उसके बाद भी उनकी ख्याति और उनकी सूक्ष्म उपस्थिति आने वाली पीढ़ियों तक बनी रहेगी।

अभियान के लिए जनपदीय टीम गठित

महाअभियान को व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए श्री गोपाल उपाध्याय ने एक जनपदीय टीम की घोषणा भी की। इसमें आचार्य रविंद्र एवं निवर्तमान सांसद श्री पुष्पेंद्र सिंह चंदेल को संरक्षक, हमीरपुर के चेयरमैन श्री कुलदीप निषाद को संयोजक, श्री मुकेश बुधौलिया, राठ तथा श्री आशीष पालीवाल , कुरारा ब्लॉक प्रमुख को सह-संयोजक और श्री सत्यप्रकाश गुप्ता को समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई।

इसके अलावा श्री अभिषेक तिवारी, दिव्य सेवा मिशन के श्री उमेश शुक्ला, गायत्री परिवार के प्रतिनिधि, श्री अमित बाथम, पतंजलि से श्री धीरेंद्र गुप्ता, व्यापार मंडल से ,रजक संघ से श्री राजेश श्रीवास तथा श्री सत्तीदीन प्रजापति को टीम में सदस्य की जिम्मेदारी दी गई।

सातों ब्लॉक और नगरीय निकायों में होंगी बैठकें

अभियान की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए जनपद के सभी सात विकासखंडों तथा सात नगर पंचायतों/नगर पालिकाओं में निर्धारित तिथियों पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में 25 अगस्त, 3 सितंबर, 7 सितंबर, 8 सितंबर और 9 सितंबर को स्थानीय स्तर पर अभियान की तैयारियों, स्थल चयन, पौधों की उपलब्धता, सुरक्षा एवं जनभागीदारी की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

11 सितंबर को सभी स्थानों पर सामूहिक रूप से हरिशंकरी पौधारोपण कराया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए जनपद के सभी अधिकारियों को संबंधित ब्लॉक, नगर पालिका, नगर पंचायत एवं ग्राम पंचायत स्तर की समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

पौधारोपण को जनभागीदारी से सफल बनाने पर जोर

निवर्तमान सांसद श्री पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने अपने संबोधन में कहा कि कोई भी अभियान तभी सफल होता है, जब उससे समाज की भावनात्मक भागीदारी जुड़ती है। उन्होंने कहा कि सभी को यह समझना होगा कि हरिशंकरी का पौधारोपण केवल आज का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षित रखने की दिशा में किया जा रहा महत्वपूर्ण कार्य है।

जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल ने अभियान की सभी तैयारियां समय से पूर्ण करने तथा इसमें जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, सामाजिक संगठनों और आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के बाद पौधों का संरक्षण और नियमित देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, इसलिए इसके लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

बैठक में कोऑपरेटिव के चेयरमैन श्री चक्रपाणि त्रिपाठी, आचार्य श्री रविंद्र, मुख्य विकास अधिकारी श्री अरुण कुमार सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक श्रीमती रिजवाना शाहिद, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं मीडिया प्रतिनिधि ,IKVNEWS के प्रधान संपादक एवं SDDSSCT के ट्रस्टी श्री सुशील कुमार सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।

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Author: IKV News

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