आल्हा-ऊदल की वीरगाथा और बुंदेली संस्कृति के रंगों से सजा कजली मेला, भव्य शोभायात्रा के साथ महोत्सव का आगाज

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नितेन्द्रझां
महोबा। ऐतिहासिक एवं परंपरागत कजली मेला महोत्सव का भव्य एवं विधिवत शुभारंभ हुआ। राज्य मंत्री श्रम एवं सेवायोजन विभाग एवं जनपद प्रभारी मंत्री मनोहर लाल (मन्नू कोरी), सदस्य विधान परिषद जितेंद्र सिंह सेंगर, सदर विधायक राकेश गोस्वामी, जिला पंचायत अध्यक्ष जे.पी. अनुरागी, जिलाधिकारी गजल भारद्वाज एवं पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह सहित जनप्रतिनिधियों ने हवेली दरवाजा पर फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया। इसके साथ ही ऐतिहासिक कजली शोभायात्रा निकाली गई।

शोभायात्रा में ढोला गायन की पारंपरिक प्रस्तुति, वीर योद्धाओं आल्हा-ऊदल, राजा परमाल एवं रानी लक्ष्मीबाई की भव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। हाथी-घोड़ों के साथ निकली शोभायात्रा ने महोबा की वीरगाथा और बुंदेली संस्कृति की शानदार झलक प्रस्तुत की। वहीं राधा-कृष्ण की मनोहारी झांकी समेत विभिन्न संदेशपरक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया।

शोभायात्रा के मार्ग में स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। हवेली दरवाजा से शुरू हुई शोभायात्रा नगरपालिका चौक, आल्हा चौक, ऊदल चौक और राठ चुंगी होते हुए कीरत सागर पहुंचकर संपन्न हुई।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी इंद्र नंदन सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह, मुख्य विकास अधिकारी बलराम कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संतोष चौरसिया, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

कजली मेले के आगाज के साथ ही महोबा में उत्सव का रंग चढ़ गया। वीरभूमि महोबा की ऐतिहासिक विरासत, लोक परंपरा और बुंदेली संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।

Nitendra Jha
Author: Nitendra Jha

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