आग लगते ही मची अफरा-तफरी, जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची; पटाखों के भंडारण में सुरक्षा मानकों की जांच शुरू
हमीरपुर। राठ कोतवाली क्षेत्र में पटाखा गोदाम में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आने से गोदाम में काम कर रहा एक बुजुर्ग झुलस गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। हादसे के बाद पटाखों के भंडारण और गोदाम में अपनाए जा रहे सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि राठ कोतवाली क्षेत्र स्थित पटाखा गोदाम में अचानक आग भड़क उठी। गोदाम में पटाखे रखे होने के कारण आग तेजी से फैलने की आशंका बनी रही। आग की लपटें उठती देख आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान गोदाम में काम कर रहा एक बुजुर्ग आग की चपेट में आकर झुलस गया।

घटना की सूचना तत्काल पुलिस और प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। झुलसे बुजुर्ग को उपचार के लिए भेजे जाने की जानकारी है। उसकी हालत को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
पटाखों के भंडारण के मानकों पर उठे सवाल
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक गोदाम में पटाखों के भंडारण के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था। हालांकि, यह स्थिति जांच के बाद ही आधिकारिक रूप से स्पष्ट होगी। प्रशासन की ओर से गोदाम में पटाखों के भंडारण, लाइसेंस, अग्निशमन व्यवस्था और अन्य सुरक्षा प्रबंधों की जांच की जा सकती है।
पटाखों के भंडारण में सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में पटाखा दुकानों और गोदामों की जांच के दौरान प्रशासन ने लाइसेंस, स्टॉक की मात्रा और अग्निशमन व्यवस्था की जांच पर जोर दिया था।
प्रशासन ने लिया घटना का संज्ञान
हादसे के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और घटना की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई। जांच में यह देखा जा रहा है कि गोदाम में आग किस वजह से लगी और वहां पटाखों के भंडारण के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
जिला हमीरपुर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार राठ क्षेत्र के लिए प्रशासन और पुलिस के अधिकारी तैनात हैं तथा क्षेत्राधिकारी राठ के रूप में राजीव प्रताप सिंह की जानकारी उपलब्ध है।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
घटना में आग लगने के वास्तविक कारण और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी। यदि जांच में नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल प्रशासन का ध्यान घटना के कारणों का पता लगाने, झुलसे बुजुर्ग के उपचार और पटाखों के भंडारण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था की जांच पर है। हादसे ने त्योहारी सीजन में पटाखों के सुरक्षित भंडारण और प्रशासनिक निगरानी की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।








