हमीरपुर के छोटा सिमरा और बड़ा सिमरा में औचक निरीक्षण के दौरान मिलीं कई खामियां, नल की टोटियां गायब और पेयजल की बर्बादी पर जताई नाराजगी
हमीरपुर। ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित जल जीवन मिशन के कार्यों की जमीनी हकीकत उस समय सामने आई, जब अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) विजय सिंह ने मिश्रीपुर ग्राम पंचायत के मजरा छोटा सिमरा और बड़ा सिमरा में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाइपलाइन बिछाने के कार्य में गंभीर कमी सामने आई। पाइपलाइन की गहराई जांचने के लिए अपर जिलाधिकारी स्वयं गड्ढे में उतर गए। जांच में पाइपलाइन जमीन से मात्र 7 इंच की गहराई पर मिली। स्थिति देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
मानकों के विपरीत पाइपलाइन बिछाने पर नाराजगी
मिश्रीपुर के मजरा छोटा सिमरा में श्री हरि कंपनी द्वारा बिछाई जा रही पाइपलाइन के निरीक्षण के दौरान निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किए जाने की स्थिति सामने आई। पाइपलाइन की वास्तविक गहराई का पता लगाने के लिए अपर जिलाधिकारी ने मौके पर ही खुदाई कराकर जांच की। इस दौरान पाइपलाइन केवल सात इंच नीचे मिली।

अपर जिलाधिकारी ने इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) को प्रकरण की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में मानकों के विपरीत कार्य की पुष्टि होती है तो संबंधित कार्यदायी संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पाइपलाइन निर्धारित मानकों के अनुरूप गहराई में बिछाई जानी चाहिए, ताकि भारी वाहनों की आवाजाही अथवा अन्य कारणों से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त न हो और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बाधित न होने पाए।
बड़ा सिमरा में गायब मिलीं नल की टोटियां
इसके बाद अपर जिलाधिकारी ने बड़ा सिमरा में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण किया। यहां कई स्थानों पर नलों की टोटियां गायब मिलीं। निरीक्षण के दौरान कुछ ग्रामीण जल जीवन मिशन की पाइपलाइन से अपनी गाड़ियां धोते तथा खेतों और रास्तों की तराई करते पाए गए। इससे बड़ी मात्रा में पानी नालियों में बहता मिला।

इस पर अपर जिलाधिकारी ने पेयजल की बर्बादी रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पानी का उपयोग जिम्मेदारी से किया जाना चाहिए।
जेसीबी से नल और स्टैंड क्षतिग्रस्त होने की शिकायत
निरीक्षण के दौरान एक ग्रामीण ने शिकायत की कि नाली की सफाई कराते समय ग्राम प्रधान द्वारा जेसीबी के माध्यम से जल जीवन मिशन के नल और उनके स्टैंड क्षतिग्रस्त कर दिए गए हैं। अपर जिलाधिकारी ने इस शिकायत का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पेयजल परिसंपत्तियों की सुरक्षा जरूरी है, ताकि ग्रामीण परिवारों को नियमित रूप से पानी मिल सके और सरकारी योजनाओं के तहत स्थापित सुविधाएं खराब न हों।
गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं
अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) विजय सिंह ने कहा कि जल जीवन मिशन सरकार की महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण में सामने आई कमियों की जांच कराकर सुधारात्मक कार्रवाई करने तथा पाइपलाइन बिछाने के कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही, पेयजल की बर्बादी रोकने और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।

जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे पेयजल का उपयोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए करें, पानी की बर्बादी रोकें और जल जीवन मिशन के तहत स्थापित नलों, स्टैंड तथा अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा में सहयोग दें।







