नितेन्द्र झां/महोबा:- जिला पंचायत द्वारा कबरई विकास खंड के ग्राम पसवारा में लाखों रुपये की लागत से बनाया जा रहा नाला भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता दिख रहा है। ग्रामीणों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण यह जलनिकासी नाला निर्माण के दौरान ही सवालों के घेरे में आ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गुणवत्ता को देखते हुए यह नाला कुछ ही दिनों में ढह सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार यह नाला गांव की जलनिकासी व्यवस्था की रीढ़ माना जा रहा था, लेकिन कार्यदाई संस्था ने निर्माण मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया है। शिकायत है कि निर्माण में तय अनुपात से बहुत कम सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि गुणवत्ता के विपरीत स्टोनडस्ट से भराई कर दी गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की आंखों के सामने “गांधी की लाठी” यानी कागजों पर सब ठीक दिखाकर वास्तविकता छिपाई जा रही है। मौके पर न तो तकनीकी निगरानी दिख रही है और न ही मानक बोर्ड लगाया गया है।
ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है तथा निर्माण को नए सिरे से गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराने की अपील की है।








