महोबा समेत उत्तर मध्य रेलवे में 124 वर्षा जल संचयन संरचनाएं तैयार

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नितेन्द्र झां 

#महोबा / जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने अपने विभिन्न रेलवे परिसरों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्थाओं का विस्तार किया है। 18 सितंबर 2026 तक उत्तर मध्य रेलवे में कुल 124 वर्षा जल संचयन संरचनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं।
उपरोक्त संबंध में सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी उ.म.रे. झांसी मनोज कुमार सिंह ने बताया है कि इन संरचनाओं के माध्यम से रेलवे भवनों की छतों और खुले क्षेत्रों से एकत्र होने वाले बारिश के पानी को पाइपों के जरिए रिचार्ज पिट, सोक पिट, पुराने कुओं, सूखे बोरवेल और डीप-बोर जैसी संरचनाओं तक पहुंचाया जा रहा है। फिल्ट्रेशन के बाद पानी को नियंत्रित तरीके से जमीन में पहुंचाकर भूजल पुनर्भरण में उपयोग किया जा रहा है।
उत्तर मध्य रेलवे की कुल 124 संरचनाओं में आगरा मंडल में 38, प्रयागराज मंडल में 41 और झांसी मंडल में 45 वर्षा जल संचयन संरचनाएं शामिल हैं।
उन्होंने आगे बताया है कि झांसी मंडल के महोबा में भी बारिश के पानी को सहेजने की व्यवस्था की गई है। रेलवे भवनों की छतों से आने वाले वर्षा जल को एक पुराने कुएं की ओर मोड़ा गया है, जहां से पानी धीरे-धीरे मिट्टी में समाहित होकर भूजल पुनर्भरण में योगदान देता है। इसके अलावा पामन में सूखे बोरवेल तथा मलासा और आटा में जल तारा एवं सोक पिट आधारित प्रणालियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
झांसी मंडल के झांसी, ग्वालियर, मोंठ, चिरगांव, परिछा सहित अन्य रेलवे परिसरों में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप रिचार्ज व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। वहीं प्रयागराज मंडल में प्रयागराज, कानपुर, इटावा, फिरोजाबाद, हाथरस, दादरी, दनकौर समेत विभिन्न स्थानों पर वर्षा जल को रिचार्ज संरचनाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
रेलवे के अनुसार, कई स्थानों पर वर्षा जल को सीधे जमीन में पहुंचाने के बजाय फर्स्ट-फ्लश और फिल्ट्रेशन व्यवस्था से गुजारने के बाद रिचार्ज संरचनाओं में भेजा जाता है। जहां पहले से पुराने कुएं या बोरवेल उपलब्ध हैं, उन्हें भी नई संरचनाएं बनाने के बजाय जल पुनर्भरण के लिए उपयोग में लिया जा रहा है।
रेलवे का यह प्रयास बारिश के पानी को बहकर व्यर्थ जाने से रोकने, सतही जलभराव कम करने और भूजल स्तर के पुनर्भरण में सहायता देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

Nitendra Jha
Author: Nitendra Jha