#महोबा /तहसील चरखारी में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन जिलाधिकारी श्री प्रभास कुमार की अध्यक्षता में किया गया।इसमें जिलाधिकारी श्री प्रभास कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री शशांक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम कुमार, उपजिलाधिकारी चरखारी श्री अवनीश कुमार तिवारी द्वारा लोगों की समस्याओं को सुना गया।इस मौके पर तहसील चरखारी से कुल 52 शिकायतें प्राप्त हुईं जिनमें से 02 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।इसी प्रकार तहसील महोबा में अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे श्री सूर्यकान्त त्रिपाठी की अध्यक्षता एवं उपजिलाधिकारी श्री शिवध्यान पांडे की उपस्थिति में 14 में से 03 तथा तहसील कुलपहाड़ में अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व श्री इंद्र नंदन सिंह की अध्यक्षता एवं उपजिलाधिकारी श्री आदेश सिंह सागर की उपस्थिति में 52 में से 03 शिकायतों का निस्तारण मौके पर किया गया।
तहसील चरखारी में शिकायतों का अनुश्रवण करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण तथा संतुष्टि के आधार पर किया जाए।उन्होंने कहा कि शिकायत का निस्तारण करने से पहले शिकायत कर्ता से जरूर बात की जाए।शिकायत निस्तारण से यदि शिकायत कर्ता संतुष्ट नहीं है तो शिकायत को निस्तारित नहीं माना जायेगा।यह भी कहा कि अधिकारीगण आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निपटान में लापरवाही न बरतें, इन शिकायतों के बारे में मुख्यमंत्री कार्यालय से फीडबैक लिया जाता है।अतः शासन के मंशा के अनुरूप सम्पूर्ण समाधान दिवस में आये हर फरियादी की छोटी या बड़ी प्रत्येक समस्या को गम्भीरता से सुना जाए और कागज पर नही बल्कि धरातल पर शिकायतों का निस्तारण कर समय सीमा के अन्तर्गत ही उनका निराकरण भी सुनिश्चित किया जाए ताकि फरियादियों को इधर-उधर अपनी समस्याओं को लेकर भटकना न पड़े।उन्होंने कहा शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की जॉच की जायेगी। यदि निस्तारण में फर्जी वाड़ा मिला तो निश्चित ही निस्तारण करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।उन्होंने कहा कि लेखपाल जब अपने क्षेत्र के ग्रामों में जाएँ तब दिग्गी पिटवाकर ग्रामीणों को सूचित करें और उनकी समस्याएं सुनकर उनका निस्तारण करें, यदि कोई बड़ी समस्या है तो अपने उपजिलाधिकारी को अवगत कराएं।जिलाधिकारी नें सभी आधिकारिओं को निर्देशित करते हुए कहा कि यदि कोई शिकायतकर्ता जिला मुख्यालय एवं तहसील पर शिकायत कर चुका है तो उसकी शिकायत का निस्तारण हर हाल में किया जाये यदि तीसरी बार शिकायत आती है तो सम्बंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए उस पर कार्यवाही की जाएगी।







