मिलन गुप्ता /कुरारा, हमीरपुर / विकासखंड क्षेत्र के जमरेही ऊपर गांव में अन्ना पशुओं के खुले विचरण से किसान परेशान हैं। पशु खेतों में पहुंचकर खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है। किसानों ने प्रशासन से अन्ना पशुओं को पकड़कर गोशाला अथवा अन्ना पशु आश्रय स्थल में संरक्षित किए जाने की मांग की है।
गांव के किसान आशीष पाल, जयप्रकाश, श्याम सुंदर, मानसिंह, आसाराम पाल सहित अन्य किसानों का कहना है कि गांव में स्थित गौशाला को अन्यत्र संबद्ध कर दिया गया है। इसके बाद गांव में घूमने वाले अन्ना पशुओं के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं रह गई है। बड़ी संख्या में पशु दिन-रात खुले में विचरण करते रहते हैं और मौका मिलते ही खेतों में पहुंचकर फसलों को चरने के साथ ही पैरों से भी नुकसान पहुंचाते हैं।
किसानों के अनुसार वर्तमान समय में खरीफ की फसलें खेतों में खड़ी हैं। ऐसे में अन्ना पशुओं का लगातार खेतों में पहुंचना फसल सुरक्षा के लिए बड़ी समस्या बन गया है। किसानों को रात के समय भी खेतों की निगरानी करनी पड़ रही है।
किसानों ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ), कुरारा से मांग की है कि गांव में खुले घूम रहे अन्ना पशुओं को शीघ्र पकड़वाकर निर्धारित पशु आश्रय स्थल में संरक्षित कराया जाए, ताकि किसानों की खरीफ फसलों को बर्बाद होने से बचाया जा सके। साथ ही ग्रामीणों ने गांव में पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान की भी मांग की है।








