जिला पुरुष एवं महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर डीएम ने मरीजों से सीधे लिया फीडबैक, 92 बेड की व्यवस्था के साथ दवाओं,भोजन, सफाई और चिकित्सा सेवाओं की परखी हकीकत
हमीरपुर। जिलाधिकारी श्री अशोक कुमार ने जिला पुरुष एवं महिला अस्पताल का औचक एवं गहन निरीक्षण कर चिकित्सा सेवाओं, मरीजों की सुविधाओं, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता तथा अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न वार्डों एवं चिकित्सा इकाइयों का जायजा लेने के साथ मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर उपचार एवं व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। इस दौरान सामने आई कमियों पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट एवं सख्त निर्देश जारी किए।
जिलाधिकारी ने अस्पताल के विभिन्न पटल एवं इकाइयों में उपस्थिति रजिस्टर की जांच करते हुए चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की दैनिक कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। मरीजों एवं तीमारदारों के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

एक्स-रे से लेकर डायलिसिस यूनिट तक व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एक्स-रे यूनिट, सीटी स्कैन, ऑर्थोपेडिक्स, पैथोलॉजी, ब्लड कलेक्शन लैब, ब्लड बैंक, एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र), आयुष्मान केंद्र, टीबी वार्ड, फिजियोथेरेपी यूनिट, नई डायलिसिस यूनिट तथा परामर्श कक्ष समेत अस्पताल की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों का निरीक्षण किया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रत्येक इकाई में उपलब्ध संसाधनों, चिकित्सकीय सेवाओं एवं मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन, खुले तेल के प्रयोग पर रोक
अस्पताल की किचन के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भर्ती मरीजों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भोजन तैयार करने में केवल ब्रांडेड एवं पैक्ड तेल का प्रयोग किया जाए। खुले तेल का प्रयोग किसी भी स्थिति में न किया जाए।
अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही लिखें, अनावश्यक रेफरल पर भी रोक
दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि अस्पताल में उपलब्ध दवाएं मरीजों को उपलब्ध कराई जाएं और मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर से दवाएं खरीदने के लिए न लिखा जाए।
औषधि भंडार केंद्र के निरीक्षण में रेबीज एवं सर्पदंश के पर्याप्त टीके उपलब्ध पाए गए।
जिलाधिकारी ने रेफरल व्यवस्था को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल अति-गंभीर एवं क्रिटिकल मामलों में ही मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया जाए। सामान्य एवं उपचार योग्य मामलों में स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए।
तीमारदारों से स्ट्रेचर खिंचवाने की शिकायत पर डीएम सख्त
निरीक्षण के दौरान मरीजों के तीमारदारों द्वारा स्वयं स्ट्रेचर खींचे जाने की शिकायत सामने आने पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीज को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर से ले जाने की जिम्मेदारी संबंधित वार्ड ब्वाय की होगी।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में तीमारदारों से यह कार्य न कराया जाए। अस्पताल स्टाफ अपनी जिम्मेदारी का पूरी गंभीरता से निर्वहन करे।

आयुष्मान लाभार्थियों को मिले योजना का पूरा लाभ
आयुष्मान केंद्र का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आयुष्मान भारत योजना के पात्र लाभार्थियों को अनुमन्य सभी सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। किसी भी आयुष्मान लाभार्थी के साथ दुर्व्यवहार न हो तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।
68 बेड स्वीकृत, मरीजों की संख्या बढ़ने पर 24 अतिरिक्त बेड लगाए
निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ. आर. एस. प्रजापति ने बताया कि जिला अस्पताल में 68 बेड स्वीकृत हैं। मरीजों की संख्या को देखते हुए 24 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है, जिससे कुल 92 बेड के स्तर पर व्यवस्था संचालित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में अधिकांश मरीज वायरल बुखार से पीड़ित हैं तथा सामान्यतः लगभग 7 से 8 दिनों के उपचार के बाद स्वस्थ हो रहे हैं। वहीं ब्लड बैंक में निरीक्षण के समय 26 यूनिट ब्लड उपलब्ध पाया गया।
टीकाकरण के बाद बच्चे की मृत्यु की शिकायत, डीएम ने दिए जांच के आदेश
निरीक्षण के दौरान एक तीमारदार ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि टीकाकरण के बाद उसके बच्चे की मृत्यु हो गई और आपातकालीन सेवा उपलब्ध कराने के बजाय उसे पर्चा बनवाने के लिए भेजा गया।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सफाई और बेडशीट की व्यवस्था में सुधार के निर्देश
निरीक्षण के बाद मीडिया से वार्ता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई व्यवस्था, वार्डों में बेडशीट की स्वच्छता तथा समग्र प्रबंधन में और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने सीएमओ एवं सीएमएस को अस्पताल प्रबंधन तथा वार्ड ब्वाय की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित एवं जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि अस्पताल में सर्जन की कमी के कारण कुछ मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। इस संबंध में शासन स्तर पर वार्ता कर सर्जन की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी न हो और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अलका शुक्ला, सीएमएस पुरुष अस्पताल डॉ. आर. एस. प्रजापति, सीएमएस महिला अस्पताल डॉ. राजीव कुमार, जिला सूचना अधिकारी श्री सतीश कुमार सहित चिकित्सक एवं अन्य चिकित्सा स्टाफ मौजूद रहा।
रिपोर्ट — IKVNEWS, हमीरपुर
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