नितेन्द्र झां
महोबा। जनपद में यूपीनेडा द्वारा निर्माणाधीन महिला शरणालय में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। महिला सुरक्षा और संरक्षण के उद्देश्य से बनाए जा रहे इस भवन के कमरों के बीचों-बीच 440 वोल्ट की विद्युत लाइन गुजर रही है। आरोप है कि बिजली लाइन को शिफ्ट कराए बिना ही भवन का निर्माण कार्य करा दिया गया, जिससे भविष्य में यहां रहने वाली महिलाओं और कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। भवन के ऊपर एवं कमरों के निकट से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक भवन, विशेषकर महिला शरणालय जैसे संवेदनशील संस्थान के निर्माण से पहले विद्युत लाइनों की स्थिति का परीक्षण कर उन्हें सुरक्षित दूरी पर शिफ्ट कराया जाना आवश्यक होता है। इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा होने की ओर बढ़ रहा है और बिजली लाइन यथावत बनी हुई है।
इस मामले ने यूपीनेडा और संबंधित निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा महिला शरणालय परिसर से विद्युत लाइन को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कराने की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यह है कि महिला सुरक्षा के लिए बनाई जा रही इमारत में सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की गई और इस गंभीर चूक की जिम्मेदारी कौन तय करेगा?








