समय से उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश, लापरवाही व अनियमितता पर कार्रवाई की चेतावनी
हमीरपुर, 18 अगस्त 2026। जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल ने मुख्य विकास अधिकारी श्री अरुण कुमार सिंह के साथ सहकारी समिति पोथिया का निरीक्षण कर किसानों के लिए उपलब्ध कराई जा रही उर्वरक एवं अन्य कृषि सामग्री की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने समिति के अभिलेखों, उर्वरक की उपलब्धता तथा किसानों को किए जा रहे वितरण की स्थिति की जानकारी ली।

उर्वरक की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की पड़ताल
जिलाधिकारी ने समिति के जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों से उर्वरक की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और किसानों को समय से खाद मिलने की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक एवं अन्य आवश्यक कृषि सामग्री उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही वितरण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरतते हुए निर्धारित व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
किसानों से सीधे संवाद कर जानी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने समिति पर पहुंचे किसानों से भी बातचीत की और उर्वरक तथा अन्य कृषि सामग्री की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों की शिकायतों एवं समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि कृषि सीजन के दौरान आवश्यक उर्वरक एवं अन्य कृषि इनपुट की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि किसानों को खेती के समय किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
लापरवाही या अनियमितता पर कार्रवाई की चेतावनी
जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल ने कहा कि किसानों को समय से गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं आवश्यक कृषि सामग्री उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की ओर से जनपद में उर्वरक वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि कृषि सीजन में किसानों को खाद, बीज और अन्य जरूरी कृषि सामग्री की उपलब्धता सुचारु बनी रहे।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु
- सहकारी समिति पोथिया में उर्वरक उपलब्धता की जांच।
- समिति के अभिलेखों और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली गई।
- किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं।
- समय से उर्वरक एवं कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश।
- वितरण में पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर।
- लापरवाही या अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी।







