JWIL और PNC की परियोजनाओं की समीक्षा, 91 से 99 प्रतिशत तक पूरा हुआ पेयजल आपूर्ति का कार्य
हमीरपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में हर परिवार को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित जल जीवन मिशन की जिला परियोजनाओं की समीक्षा को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिलाधिकारी श्री अशोक कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एडीएम नमामि गंगे की उपस्थिति में परियोजनाओं की प्रगति, पेयजल आपूर्ति की स्थिति एवं शेष कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत JWIL एवं PNC कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि संबंधित परियोजनाओं में वर्तमान में लगभग 91 प्रतिशत से 99 प्रतिशत तक जलापूर्ति का कार्य पूर्ण हो चुका है।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि JWIL कार्यदायी संस्था द्वारा संचालित पत्यौरा डांडा ग्राम समूह पेयजल योजना से कुल 129 गांव आच्छादित हैं। वहीं PNC कार्यदायी संस्था द्वारा संचालित हरोलीपुर ग्राम समूह (सरसी एवं नलकूप) पेयजल योजना के अंतर्गत कुल 193 गांव शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने दोनों परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए और 31 अक्टूबर तक सभी आच्छादित गांवों में शत-प्रतिशत शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को परियोजनाओं के शेष कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा जहां कहीं भी तकनीकी समस्या अथवा कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही हो, उसका तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से संचालित रहनी चाहिए। निर्धारित लक्ष्य को समय से पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारी लगातार अनुश्रवण एवं स्थलीय निगरानी सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का मूल उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को शुद्ध, सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराना है। इसलिए सभी संबंधित विभाग एवं कार्यदायी संस्थाएं आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में शेष कार्यों को पूरा करें।
मुख्य निर्देश
- 31 अक्टूबर तक सभी आच्छादित गांवों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश।
- शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने को कहा।
- तकनीकी समस्याओं एवं कार्य में आ रही बाधाओं का तत्काल समाधान।
- पेयजल परियोजनाओं की नियमित निगरानी एवं अनुश्रवण के निर्देश।
- कार्य में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी।







