(नितेन्द्र झां)
#महोबा। जन शिकायतों के निस्तारण में मिल रहे असंतोषजनक फीडबैक को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं में खामियां मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
डीएम ने कार्यालय की उपस्थिति पंजिका, अभिलेखों के रख-रखाव और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), स्वच्छ भारत मिशन और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के कार्यों का जायजा लेते हुए लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण को लेकर असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर जिलाधिकारी ने परियोजना अधिकारी डूडा का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही शिकायतकर्ता से स्वयं बात कर वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
डीएम ने स्पष्ट किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचना चाहिए।
उपस्थिति रजिस्टर की जांच के दौरान सीएलपीसी (सिटी लाइवलीहुड्स प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर) अर्पित पांडे बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए और अधिकारियों-कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने कार्यालय में साफ-सफाई, अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव और बेहतर कार्य संस्कृति बनाए रखने पर विशेष बल देते हुए कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बताया गया कि जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा प्रतिदिन 10 शिकायतकर्ताओं से सीधे संपर्क कर फीडबैक लिया जा रहा है, जिससे शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता की निगरानी की जा सके। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।








