नितेन्द्र झां
महोबा/भूमाफियाओं को “धूल में मिलाने” का दावा कभी यूपी सरकार की पहचान हुआ करता था, लेकिन हकीकत अब कुछ और कहानी बयां कर रही है।
कुलपहाड़ तहसील परिसर में अपनी जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर एक महिला अनशन पर बैठी है। सवाल यह है कि जब पीड़ित को न्याय के लिए तहसील परिसर में धरना और अनशन करना पड़े, तो फिर भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के दावों का क्या अर्थ रह जाता है?
प्रशासन की कार्यशैली और भूमि विवादों के निस्तारण पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।







