बिरमा नदी का जलस्तर घटा, जनजीवन सामान्य; क्षतिग्रस्त सड़कों व रपटों के तत्काल रेस्टोरेशन के निर्देश
31 हजार फसल क्षति दावों में 20 हजार का सर्वे पूरा, शेष का सर्वे एक सप्ताह में होगा पूर्ण
हमीरपुर/मुस्करा। हाल में हुई अतिवृष्टि एवं बिरमा नदी के बढ़े जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी श्री अशोक कुमार ने तहसील मौदहा के विकासखंड मुस्करा क्षेत्र के ग्राम शिवनी, नत्थू पाल-डेरा सहित संबंधित मजरों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बिरमा नदी के जलस्तर, तटवर्ती कृषि भूमि, जलभराव से प्रभावित फसलों तथा क्षतिग्रस्त सड़कों एवं रपटों की स्थिति का मौके पर जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि बिरमा नदी का जलस्तर अब घट चुका है और बाढ़ जैसी स्थिति समाप्त हो गई है। प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जलभराव एवं कटान से क्षतिग्रस्त एप्रोच मार्गों, सड़कों और रपटों का तत्काल रेस्टोरेशन कर आवागमन सुचारु कराने के निर्देश दिए।

खेतों में पहुंचकर देखी फसल क्षति
जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों के साथ खेतों में पहुंचकर फसल क्षति की वास्तविक स्थिति का भी निरीक्षण किया। ग्राम शिवनी में किसान दर्शन साहू के खेत में पहुंचकर उन्होंने तिल, मूंगफली एवं अरहर की फसलों का जायजा लिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि निचले क्षेत्रों एवं जलभराव वाले खेतों में हुई फसल क्षति का खेत-खेत सर्वेक्षण कराकर पारदर्शी तरीके से आकलन किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि पात्र प्रभावित किसानों को नियमानुसार समय से सहायता एवं क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अतिवृष्टि एवं जलभराव के कारण क्षतिग्रस्त अथवा गिर चुके कच्चे मकानों का भी त्वरित सर्वे कराने तथा पात्र परिवारों को निर्धारित सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

31 हजार फसल क्षति दावे, 20 हजार का सर्वे पूरा
फसल क्षति सर्वेक्षण की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त की। उपनिदेशक कृषि डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि हालिया एवं पूर्व में हुई बारिश से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए फसल बीमा योजना के तहत जनपद से व्यक्तिगत क्षति के कुल 31 हजार आवेदन/दावे प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने बताया कि राजस्व लेखपाल, कृषि विभाग एवं बीमा कंपनी की संयुक्त टीमों द्वारा अब तक 20 हजार दावों का सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष दावों का सर्वेक्षण आगामी एक सप्ताह में पूरा करने का लक्ष्य है।
सर्वेक्षण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद बीमित किसानों की पात्र क्षतिपूर्ति राशि भारत सरकार के पोर्टल के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।
राहत एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने आवश्यकतानुसार नावों की उपलब्धता, ऊंचे स्थानों पर राहत सामग्री एवं खान-पान की व्यवस्था तथा ग्राम सचिवालयों के आसपास फ्लड पीएसी एवं प्रशासनिक टीमों की तैनाती को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक सतर्कता बनाए रखें और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी मौदहा करनवीर सिंह, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता, डीपीओ/प्रभारी बीडीओ राजीव सिंह, सूचना सहायक शिवबरन, नायब तहसीलदार, राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, लेखपाल तथा स्थानीय ग्रामीण एवं किसान मौजूद रहे।
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