टूटा रसोईघर का दरवाजा, बंद शौचालय, खराब आरओ और परिसर में गंदगी देख भड़के जिलाधिकारी अशोक कुमार
बच्चों की कमजोर शैक्षिक गुणवत्ता पर भी जताई चिंता, बीएसए को सभी कमियां दूर कराने और शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के निर्देश
हमीरपुर। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता एवं बुनियादी सुविधाओं की हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी श्री अशोक कुमार ने कन्या प्राथमिक विद्यालय पौथिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, रसोईघर एवं अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति बेहद खराब मिली। वहीं बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं पाई गई। इन अव्यवस्थाओं पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार कराने के सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, मिड-डे मील की गुणवत्ता एवं वितरण व्यवस्था, निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को दूध एवं फल उपलब्ध कराने, आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन, रसोइयों के मानदेय भुगतान, फर्नीचर की उपलब्धता तथा शिक्षण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई और शैक्षिक स्तर को परखने के लिए सवाल भी पूछे।
निरीक्षण में सामने आईं कई गंभीर खामियां
विद्यालय परिसर में निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत खराब मिली। रसोईघर का दरवाजा टूटा हुआ था और आरओ वाटर सिस्टम खराब पाया गया। स्टोर रूम में गंदगी एवं अव्यवस्था मिली, जबकि विद्यालय का शौचालय बंद मिला। दिव्यांग बच्चों के लिए बनाए गए शौचालय में रैंप की व्यवस्था भी नहीं थी। इसके अलावा परिसर में स्थापित ओपन जिम की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई।




विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं और बच्चों की कमजोर शैक्षिक स्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि विद्यालयों में केवल शिक्षकों की उपस्थिति पर्याप्त नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य, स्वच्छता और बच्चों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी अनिवार्य है।
बीएसए को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश
जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री मुकेश खरवार को निर्देशित किया कि विद्यालय में पाई गई सभी कमियों को तत्काल दूर कराया जाए। शौचालय को क्रियाशील बनाने, रसोईघर की मरम्मत, आरओ वाटर सिस्टम ठीक कराने, स्टोर रूम एवं पूरे परिसर की साफ-सफाई कराने, दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप बनवाने तथा ओपन जिम को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाने तथा शिक्षकों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों का होगा निरीक्षण
जिलाधिकारी ने बीएसए को निर्देश दिए कि जनपद के समस्त परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कमियों को तत्काल चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जाए। सभी विद्यालयों में नियमित साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, क्रियाशील शौचालय, सुव्यवस्थित कक्षाएं तथा बच्चों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का भ्रमण एवं निरीक्षण करने तथा शिक्षण कार्यों की गुणवत्ता का प्रभावी अनुश्रवण करने के निर्देश दिए। शिक्षक पूरी मेहनत, लगन एवं जिम्मेदारी के साथ बच्चों को पढ़ाएं और उनकी शैक्षिक दक्षता में सुधार लाएं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ वातावरण एवं आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिला सूचना अधिकारी श्री सतीश कुमार, सहायक अध्यापिका निहारिका एवं सहायक अध्यापिका वंदना सहित अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।








