सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांचने के लिए मौके पर कराई खुदाई, निर्धारित मानकों के अनुरूप मिली चौड़ाई और परतों की मोटाई
पेयजल टंकी की नियमित सफाई, पानी की गुणवत्ता जांच और ग्रामीणों को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
हमीरपुर। जनपद में संचालित विकास कार्यों एवं निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता और प्रगति परखने के लिए जिलाधिकारी श्री अशोक कुमार ने मौदहा-जलालपुर-कुपरा मार्ग तथा बिवार पेयजल योजना का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़क निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता की जांच कराई और पेयजल योजना की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सड़क की खुदाई कर परखी निर्माण गुणवत्ता
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मौदहा-जलालपुर-कुपरा मार्ग पर किलोमीटर 18.7 के पास सड़क की खुदाई कराकर उसकी चौड़ाई एवं विभिन्न निर्माण परतों की मोटाई की जांच कराई। मार्ग की कुल लंबाई 19.6 किलोमीटर है, जिसमें किलोमीटर 15.0 से 19.6 तक 5.6 किलोमीटर हिस्से में निर्माण कार्य कराया जा रहा है।




जांच में सड़क की निर्धारित चौड़ाई 7 मीटर के सापेक्ष मौके पर माप सही पाई गई। वहीं ऊपरी बिटुमिनस कंक्रीट (BC) परत की निर्धारित मोटाई 3 सेंटीमीटर के सापेक्ष 4 सेंटीमीटर तथा ग्रैनुलर क्रस्ट एवं डेंस बिटुमिनस मैकडम (DBM) की कुल निर्धारित मोटाई 47 सेंटीमीटर के सापेक्ष 51 सेंटीमीटर मिली। इसी प्रकार कंक्रीट में एक्सपेंशन ज्वाइंट के पास निर्धारित 29 सेंटीमीटर के सापेक्ष 30.5 सेंटीमीटर मोटाई पाई गई। वर्तमान में मार्ग पर बिटुमिनस कंक्रीट (BC) का कार्य कराया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में बनने वाली सभी सड़कों का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों एवं गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ कराया जाए। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने उमरी तिराहा (बिवार) के पास आवश्यकतानुसार पुलिया निर्माण कराने के संबंध में भी संबंधित अभियंताओं को निर्देशित किया।
पाइपलाइन बिछाने में सड़क की सुरक्षा का रखें ध्यान
नमामि गंगे योजना के अंतर्गत बिछाई जा रही पेयजल पाइपलाइनों के संबंध में जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग एवं संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन बिछाने का कार्य व्यवस्थित तरीके से कराया जाए, जिससे भविष्य में सड़क क्षतिग्रस्त न हो और पेयजल आपूर्ति भी निर्बाध बनी रहे।
बिवार पेयजल योजना में साफ-सफाई और शुद्ध पानी पर जोर
इसके बाद जिलाधिकारी ने बिवार पेयजल योजना परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने तथा जल जीवन मिशन के अंतर्गत सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। ग्रामीणों को नियमित रूप से स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच कराने पर भी विशेष जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान पेयजल टंकी की अंतिम सफाई जनवरी 2026 में कराए जाने की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने टंकी की नियमित अंतराल पर सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पेयजल की शुद्धता और नियमित आपूर्ति में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग श्री अरुण कुमार, जिला सूचना अधिकारी श्री सतीश कुमार, सहायक अभियंता श्री अरुण कुमार सिंह, अवर अभियंता श्री अनूप निरंजन, अवर अभियंता श्री मुन्नी लाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।








