नितेन्द्र झां
#महोबा। रैपुरा गांव में सड़क की खराब स्थिति और जलभराव की समस्या को लेकर हाईवे जाम करने के मामले के बाद जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। गुरुवार को जिलाधिकारी महोबा श्रीमती गजल भारद्वाज और पुलिस अधीक्षक श्री शशांक सिंह ने ग्राम रैपुरा पहुंचकर जनचौपाल लगाई और छात्रों व ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
गौरतलब है कि 19 अगस्त को रैपुरा गांव के ग्रामीणों और स्कूली छात्रों ने गांव को जोड़ने वाली सड़क की जर्जर हालत, गड्ढों और जलभराव की समस्या को लेकर झांसी-मिर्जापुर (कुलपहाड़-महोबा) हाईवे पर जाम लगा दिया था। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद करीब एक घंटे में जाम समाप्त हो गया था।
मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम और एसपी ने गांव पहुंचकर जनचौपाल के माध्यम से ग्रामीणों और छात्रों से बातचीत की। अधिकारियों ने ग्रामीणों से पूछा कि सड़क और जलभराव जैसी समस्याओं की जानकारी पहले प्रशासन को क्यों नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन हमेशा तत्पर है और लोग सीधे संबंधित अधिकारियों को अपनी समस्याएं बता सकते हैं।
अधिकारियों ने हाईवे जाम करने से होने वाली परेशानियों के बारे में भी ग्रामीणों को बताया। उन्होंने कहा कि सड़क जाम होने से एंबुलेंस, आवश्यक सेवाओं और आम राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों और छात्रों ने भी भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न न होने देने और प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखने की बात कही।
जनचौपाल में छात्रों ने सड़क की खराब स्थिति और जलभराव के कारण विद्यालय आने-जाने में होने वाली दिक्कतों से अधिकारियों को अवगत कराया। वहीं मौके पर पुलिस बल के व्यवहार को लेकर भी अपनी बात रखी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम और एसपी ने कहा कि जनसंवाद और जनसुनवाई के माध्यम से आमजन की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है। जनचौपाल में उठाई गई समस्याओं को बिंदुवार दर्ज कर संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान कराया जाएगा।









