बेतवा नदी पर निर्माणाधीन सेतु के कार्य में ढिलाई पर डीएम सख्त, सेतु निगम के अधिशासी अभियंता व ठेकेदार को फटकार

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निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा कराने के निर्देश, लापरवाही पर पेनल्टी और भुगतान में कटौती के आदेश

हमीरपुर। जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल ने शुक्रवार को बेतवा नदी पर निर्माणाधीन सेतु का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता, समयबद्धता और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बेतवा एवं यमुना नदियों पर लगभग 302 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुलों के कार्य में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई।

निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध न होने तथा केवल एक लॉन्चर के माध्यम से कार्य संचालित किए जाने पर जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कार्य में देरी के संबंध में स्पष्टीकरण तलब करते हुए स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही और अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ठेकेदार पर पेनल्टी और भुगतान में कटौती के निर्देश

जिलाधिकारी ने सेतु निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित संसाधन उपलब्ध न कराने और कार्य में लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार पेनल्टी लगाने तथा भुगतान में कटौती की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्माण कार्य में आवश्यक क्रेन, लॉन्चर और अन्य संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।

एक सप्ताह में मार्ग से हटेगा मलबा और निर्माण सामग्री

निरीक्षण के दौरान पुल के पहुंच मार्ग पर सेतु निगम द्वारा मलबा, बोल्डर और अन्य निर्माण सामग्री रखे जाने से सड़क की स्थिति खराब मिली। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर मार्ग से समस्त मलबा एवं निर्माण सामग्री हटाकर सड़क को आवागमन योग्य बनाया जाए।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मार्ग खाली होते ही सड़क निर्माण अथवा मरम्मत की आवश्यक कार्रवाई तत्काल शुरू कराई जाए, ताकि आमजन और राहगीरों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके।

श्रमिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी श्रमिकों द्वारा अनिवार्य रूप से हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, जैकेट सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग सुनिश्चित कराया जाए। सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित से जुड़ी विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी कार्यदायी संस्था अथवा अधिकारी द्वारा लापरवाही, गुणवत्ता से समझौता या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि लापरवाही की पुनरावृत्ति होने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

IKV News
Author: IKV News

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